इस लेख में
RERA से पहले का दौर — जब Builder राजा था
2016 से पहले Real Estate में Flat Buyer लगभग असहाय था। Builder वादा करता था — "2 साल में Possession मिलेगा" — और 5-7 साल बाद भी Flat नहीं मिलता था। पैसे डूबे होते थे, बैंक का EMI चलता रहता था, और किराए का बोझ अलग। Consumer Forum से कुछ राहत मिलती थी, लेकिन वहाँ भी प्रक्रिया लंबी थी और Builders के पास पैसे और वकील दोनों थे। Real Estate (Regulation and Development) Act 2016 — यानी RERA — ने इस असंतुलन को बदला।
RERA एक नियामक कानून है जिसने Real Estate Sector में पारदर्शिता और जवाबदेही लाई। इसके तहत हर Builder को अपनी Project RERA में Register करनी होगी, 70% राशि एक अलग Escrow Account में रखनी होगी जो केवल उसी Project पर खर्च होगी, और हर तिमाही Progress Report RERA Portal पर Public करनी होगी। Possession में देरी पर Builder को Buyer को ब्याज देना होगा — और यह ब्याज स्वतः देय होता है, अलग से माँगने की ज़रूरत नहीं।
RERA में Complaint कब करें?
RERA की धारा 31 के तहत कोई भी Flat Buyer, Commercial Property Buyer, या Buyer का Association अपने राज्य के RERA Authority में Complaint दर्ज कर सकता है। Complaint तब करें जब Builder ने वादे के अनुसार Possession न दी हो, Project की Quality वादे से कमतर हो, Registration के बावजूद Builder ने RERA Portal पर जानकारी Update न की हो, Possession के बाद 5 साल के भीतर Structural Defect सामने आए, या Builder ने अनुबंध की किसी भी शर्त का उल्लंघन किया हो।
एक महत्वपूर्ण बात — यदि Project RERA Registered नहीं है तो Builder ने RERA का उल्लंघन किया है। ऐसी Project से Flat खरीदने से पहले ही सतर्क रहें। और यदि खरीद चुके हैं तो तुरंत RERA Authority को सूचित करें।
RERA ब्याज — आपका स्वचालित अधिकार
RERA के तहत Possession में देरी पर Builder को SBI का Marginal Cost Lending Rate (MCLR) + 2% की दर से ब्याज देना होता है। यह ब्याज देरी के पहले दिन से लेकर Possession मिलने तक के लिए है और यह Buyer का स्वचालित अधिकार है — यानी Builder यह नहीं कह सकता कि "मैंने agree नहीं किया था।"
एक उदाहरण से समझें। मान लीजिए आपने ₹50 लाख का Flat 2021 में खरीदा और Possession जनवरी 2023 में मिलनी थी। लेकिन जनवरी 2026 तक नहीं मिली — यानी 3 साल की देरी। MCLR मान लीजिए 9% है तो Builder को 11% की दर से ₹50 लाख पर 3 साल का ब्याज देना होगा — जो लगभग ₹16.5 लाख बनता है। इसके अलावा Consumer Forum से मानसिक पीड़ा का मुआवजा अलग मिलता है। यही RERA की असली शक्ति है।
RERA और Consumer Forum — दोनों एक साथ
सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि Flat Buyer RERA और Consumer Forum — दोनों में एक साथ Complaint कर सकता है। दोनों Forum अलग-अलग Remedies देते हैं। RERA में आप Possession और ब्याज माँग सकते हैं — यह RERA Authority का क्षेत्र है। Consumer Forum में आप मानसिक पीड़ा का मुआवजा, किराए की प्रतिपूर्ति (जो आपने देरी के कारण देना पड़ा), और Litigation Cost माँग सकते हैं।
दोनों Forum में एक साथ जाने की रणनीति सबसे प्रभावी है। RERA Authority में Complaint से Builder पर Registration Cancellation का खतरा होता है — जो उसे जल्दी Settlement के लिए प्रेरित करता है। Consumer Forum में मुआवजा मिलता है जो RERA से नहीं मिलता।
RERA Complaint कैसे दर्ज करें?
हर राज्य का अपना RERA Portal है। राजस्थान के लिए rrera.rajasthan.gov.in पर जाएं। Complaint दर्ज करने के लिए पहले आपको अपना Registration करना होगा। फिर "File a Complaint" section में जाएं और Form भरें। आवश्यक दस्तावेज़ — Sale Agreement, Payment Receipts, Allotment Letter, और Builder के साथ सभी पत्राचार — PDF में Upload करें।
Complaint दर्ज होने के बाद RERA Authority Builder को Notice भेजती है। Builder को जवाब देना होगा। फिर सुनवाई होती है और RERA Adjudicating Officer निर्णय देते हैं। RERA Authority को 60 दिनों में निर्णय देने का प्रयास करना होता है। यदि Builder आदेश का पालन न करे तो RERA Authority उसका Registration Revoke कर सकती है और Revenue Recovery Act के तहत वसूली कर सकती है।
ज़रूरी दस्तावेज़ — पहले से तैयार रखें
RERA Complaint के लिए जो दस्तावेज़ सबसे ज़रूरी हैं उनमें सबसे पहला है Registration Sale Agreement — यह वह करार है जो आपने Builder के साथ किया था और जिसमें Possession की तिथि, Flat की Specifications, और भुगतान Schedule लिखा है। दूसरा — हर किस्त की Payment Receipt जो आपने Builder को दी। तीसरा — Allotment Letter जो Builder ने आपको दिया था। चौथा — यदि Loan लिया है तो Bank का Sanction Letter और Disbursement Details। पाँचवाँ — Builder के साथ सभी Email और पत्राचार।
ये दस्तावेज़ जितने व्यवस्थित होंगे, आपकी Complaint उतनी मज़बूत होगी। DLSA (District Legal Services Authority) आपको Complaint तैयार करने में निःशुल्क सहायता करती है। National Consumer Helpline 1915 पर RERA विशेषज्ञ परामर्शदाता से मार्गदर्शन लें।
Builder Insolvency में चला जाए तो?
कभी-कभी ऐसा होता है कि Builder के खिलाफ RERA Complaint के दौरान पता चलता है कि उसने Insolvency Proceedings (NCLT) में आवेदन किया है। ऐसे में RERA की कार्यवाही Stay हो सकती है। लेकिन Insolvency and Bankruptcy Code 2016 में Flat Buyers को "Financial Creditors" का दर्जा दिया गया है — जिसका अर्थ है कि Insolvency Process में उनकी राशि वापस मिलने की प्राथमिकता है। ऐसे जटिल मामलों में DLSA से या किसी अनुभवी RERA Lawyer से परामर्श लेना आवश्यक है।